रुड़की (आयुष गुप्ता)
कन्हैया लाल पाॅलिटेक्निक की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन का आयोजन किया गया। आईडी एम हाॅस्टल में आयोजित इस शिविर के तीसरे दिन की शुरुआत स्वास्थ्य, जागरूकता और समाज सेवा के संकल्प के साथ हुई। शिविर का शुभारंभ योग प्रशिक्षक सुरेश त्यागी के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने स्वयंसेवियों को योग के महत्व को समझाते हुए बताया कि योग मात्र व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर (आसन) और मन (ध्यान) को जोड़ने वाली एक आध्यात्मिक विद्या है। उन्होंने ‘युज’ शब्द की व्याख्या करते हुए तनाव प्रबंधन और जीवन जीने की कला के रुप में हठ, अष्टांग और कुंडलिनी योग की प्रमुख जानकारियां साझा की।
बौद्धिक सत्र में मुख्य अतिथि सुनील सती (इंस्पेक्टर ट्रैफिक) ने स्वयंसेवियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने सरल भाषा में समझाया कि हेलमेट पहनना, सीटबेल्ट लगाना और वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करना जैसे छोटे कदम बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकते हैं। उन्होंने जोर दिया कि सड़क नियमों का पालन करना न केवल कानूनी जिम्मेदारी है, बल्कि यह दूसरों के जीवन का सम्मान करना भी है। कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार सैनी और कुलदीप त्यागी के नेतृत्व में स्वयंसेवियों ने ग्राम मतलबपुर में एक विशाल जन-जागरूकता रैली निकाली। स्वयंसेवियों ने नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता का महत्व समझाया। स्वच्छ उत्तराखंड, स्वस्थ उत्तराखंड के संकल्प के साथ ग्रामीणों को अपने परिवेश को साफ रखने के लिए प्रेरित किया गया। दिन के अंतिम सत्र में रविन्द्र सैनी ने ‘स्व-प्रबंधन पर बौद्धिक चर्चा की। उन्होंने बताया कि अपने विचारों, भावनाओं और समय को नियंत्रित करना ही वह कौशल है, जो एक व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक बनाता है। इस अवसर पर कुलदीप त्यागी, मनोज सैनी, अनुपमा, तनु, उदित, काजल, आयुष और सुमुखी सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवी मौजूद रहे।

