खानपुर (आयुष गुप्ता)
हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड कम्पनी की ओर से नेशनल कन्या इण्टर कालेज, खानपुर में आयोजित उन्नति वर्कशाप में छात्राओं ने आर्टिफीसियल इंटेलिजैंस के गुर सीखे तथा प्रतियोगिता में सफल छात्राओं को कम्पनी प्रतिनिधियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।
कालेज प्रधानाचार्य बलराम गुप्ता ने बताया कि हिन्दुस्तान यूनिलीवर की हरिद्वार इकाई द्वारा विद्यालय में ’’ उन्नति कल्पना से कल तक ‘‘ विषय पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला तथा प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्धेश्य स्थानीय समुदाय की छात्राओं को भविष्य की तकनीक ’’ जेनरेटिव ए0 आई0 और मशीन लर्निंग से रूबरू कराना था।कार्यशाला का संचालन करते हुये हिन्दुस्तान यूनिलीवर की मानव संसाधन प्रबंधक तरन्नुम सक्सेना ने कहा कि ए0आई0 केवल शहरों या बड़े दफ्तरों तक सीमित नहीं है। हमारे कारखानों में साबुन की गुणवत्ता जांचने से लेकर पानी बचाने तक में ए0 आई0 हमारी मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि उन्नति के माध्यम से उनका प्रयास है कि आज की छात्राऐं इस तकनीक को समझें और इसका जिम्मेदारी से उपयोग करना सीखें।

कम्पनी की डिजिटल ट्रांसफोर्मेशन मैनेजर नित्या अग्रवाल ने छात्राओं को बताया कि मशीन लर्निंग और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग के व्यवहारिक उदाहरण और ट्रेनिंग डेटा गेम के माध्यम से कम्प्यूटर पैटर्न को पहचानकर किस प्रकार निर्णय लेना सीखा जाता हैं।वर्कशाप के बाद कल्पना से कल तक विज्ञापन रचनात्मक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें छात्राओं द्वारा हिन्दुस्तान यूनिलीवर के मिशन जैसे स्वच्छता, जल संरक्षण और आत्म विश्वास पर आधारित विज्ञापनों के पोस्टर एवम् स्लोगन तैयार किये गये। प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को कम्पनी प्रतिनिधियों की ओर से उपहार देकर पुरस्कृत किया गया। अन्त में छात्राओं को ए0आई0 के नैतिक उपयोग और गोपनीयता की सुरक्षा की शपथ दिलायी।विद्यालय प्रबन्धक डॉ0 घनश्याम गुप्ता ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से छात्राओं में तकनीक के प्रति रूचि बढ़ेगी और वे भविष्य के कैरियर के लिये तैयार हो सकेंगी।

इस अवसर पर कम्पनी के प्रतिनिधि पंकज शर्मा, मीनू यादव, बबीता देवी, वन्दना जोशी, मुकेश कुमार, सविता धारीवाल, पंकज कुमार, विजय कुमार, गायत्री, सुधा रानी, बबीता देवी, संजय गुप्ता, डॉ0 रंजना, अनुराधा, काजल, रूबी, सोमेन्द्र सिंह पंवार, अमित कुमार, विशाल कुमार, ओमपाल सिंह, बृजपाल, सुन्दर, अशोक कुमार, आदि का कार्यशाला आयोजन में विशेष सहयोग रहा।

