रुडकी (आयुष गुप्ता)
उर्दू साहित्य की सेवा में चार दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रहे अंतर्राष्ट्रीय शायर एवं उत्तराखंड राज्य उर्दू अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष अफजल मंगलोरी को इस वर्ष उत्तराखंड सरकार के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान ‘उत्तराखंड गौरव सम्मान-2025’ से नवाजा जाएगा। यह सम्मान 30 मार्च को देहरादून में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री के द्वारा प्रदान किया जाएगा। प्रदेश की विभिन्न भाषाओं के लेखकों व साहित्यकारों को भी इस अवसर पर पुरस्कृत किया जाएगा। उत्तराखंड भाषा संस्थान की निदेशक मायावती ढकरियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतिष्ठित सम्मान के अंतर्गत अफजल मंगलौरी को 1 लाख 51 हजार रुपये की नगद राशि, सम्मान पत्र, एवार्ड तथा अंगवस्त्र भेंट किए जाएंगे। समारोह की अध्यक्षता समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण एवं भाषा मंत्री खजान दास करेंगे। अफजल मंगलोरी बीते 45 वर्षों से साहित्य की निरंतर सेवा में समर्पित हैं। हिंदी और उर्दू भाषाओं में उनकी अब तक 8 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 3 काव्य संग्रह भी शामिल हैं। उनके साहित्यिक योगदान को देश-विदेश में व्यापक सराहना मिली है और उन्हें 260 से अधिक पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष देश की प्रतिष्ठित ‘शोभित यूनिवर्सिटी’ ने उनके योगदान को देखते हुए उन्हें मानद एसोसिएट प्रोफेसर के लिए नामित किया था। यह सम्मान न केवल अफजल मंगलोरी के साहित्यिक जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि उर्दू भाषा और साहित्य के लिए भी गर्व का क्षण है।

