रुड़की (आयुष गुप्ता)
राज्य में अपराधों की बाढ़ आ गई है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में हत्या, बलात्कार और लूट की घटनाएं 25 प्रतिशत बढ़ी है। सरकार की लापरवाही से आमजन भयभीत है।
क्या भाजपा ‘सुरक्षित उत्तराखंड’ का अपना वादा भूल गई?
पत्रकारों से वार्ता करते हुए पीसीसी सदस्य एवं प्रवक्ता उत्तराखण्ड कांग्रेस आशीष सैनी ने कहा कि लाखों आंगनबाड़ी बहनों को न्यूनतम मानदेय मिल रहा है, जो महंगाई के सामने अपर्याप्त है। केंद्र की योजनाओं के बावजूद राज्य सरकार ने वृद्धि नहीं की। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल 20,000 रुपये मासिक मानदेय सुनिश्चित करें। आगामी चुनाव में यदि कांग्रेस सत्ता में आई, तो 24000 रुपए मानदेय सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एचआरडीए में जमीन घोटाले और अवैध निर्माण की खबरें आम हैं। करोड़ों के टेंडरों में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने के बजाय लाल-फीताशाही के चलते अवैध निर्माण को बचाने का काम किया जा रहा है। आशीष सैनी ने कहा कि भाजपा जाति-धर्म के नाम पर वोटबैंक की राजनीति कर रही है। धार्मिक ध्रवीकरण की राजनीति उत्तराखंड के विकास की सबसे बड़ी बाधा बन चुकी है। उत्तराखंड भाजपा ने कांग्रेस को बदनाम करने के लिए भावना पांडे जैसे लोगों को तैनात किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के वादे झूठे साबित हुए। विपक्ष को बदनाम करने के बजाय मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लाठरदेवा, झबरेड़ा में भाजपा नेता की संलिप्तता सार्वजनिक रुप से सिद्ध हो चुकी है, फिर भी सरकार चुप्पी साधे है। गौ हत्यारों को बचाने का सरकार का प्रयास उत्तराखंड के लोगों की भावनाओं को आहत करता है। सरकार कार्रवाई करें, वरना गौवंश संरक्षण का ढोंग बंद करें।

