रुड़की (आयुष गुप्ता)
स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के तत्वाधान में सोमवार को एनआईएच रुड़की कैंपस में एक वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान के दौरान, कैंपस में फलदार पौधे लगाए गए, जिससे एक हरित और अधिक टिकाऊ पर्यावरण बनाने में योगदान मिला। इस पहल में एक संवादात्मक चर्चा भी शामिल थी, जिसमें पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने, हवा की गुणवत्ता में सुधार करने और पृथ्वी पर जीवन को सहारा देने में पौधों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। विगत 1 अक्टूबर 2025 को ‘कचरे से कला’ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसने रचनात्मकता और टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा दिया। कुल आठ प्रतिभागियों (07 महिला और 01 पुरुष) ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया और बेकार पड़ी सामग्रियों को सार्थक रचनाओं में बदलकर अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में अपने अभिनव पाठ्येतर कौशल का प्रदर्शन किया। विजेताओं को सोमवार को स्वच्छता पखवाड़ा-2026 (16-31 मार्च, 2026) के समापन समारोह के दौरान पुरस्कृत किया गया। जिनमें प्रथम पुरस्कार विजेता श्रीमति नीलम बोहरा (वाहन टायरों की रिसाईक्लिंग), द्वितीय पुरस्कार सुश्री आरूषि शर्मा (कार्डबोर्ड के डिब्बों, पेन रिफिल और पुराने कपड़ों की रिसाईक्लिंग), तृतीय पुरस्कार श्रीमति निशा किचलू (प्लास्टिक के कचरे की रिसाईक्लिंग) तथा सांत्वरा पुरस्कार श्रीमति चारू (कागज और प्लास्टिक की रीसाइक्लिंग), श्रीमती अनीता ध्यानी (पिस्ता के छिलकों की रीसाइक्लिंग), सौरभ कुमार (कांच की बोतलों की रीसाइक्लिंग) शामिल रहे। इस गतिविधि का उद्देश्य प्रतिभागियों के बीच पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और एक स्वच्छ व हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना था।

