हरिद्वार (आयुष गुप्ता)
परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा के गृह जनपद हरिद्वार में, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के कुशल निर्देशन तथा अनीता चमोला, आरटीओ (प्रवर्तन), देहरादून एवं संदीप सैनी, आरटीओ (प्रशासन), देहरादून के प्रभावी मार्गदर्शन में वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान परिवहन विभाग द्वारा प्रवर्तन एवं प्रशासनिक कार्यों में ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व उपलब्धियां अर्जित की गई हैं।
जनपद के दोनों एआरटीओ कार्यालय—हरिद्वार एवं रुड़की—द्वारा प्रवर्तन कार्यवाही को सुदृढ़, परिणामोन्मुख एवं लक्ष्य आधारित बनाते हुए उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की गई है। हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय द्वारा वर्ष 2025–26 में कुल 35,986 चालान किए गए, जो निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 109.05 प्रतिशत है तथा गत वर्ष की तुलना में लगभग 23 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है। इसी प्रकार रुड़की एआरटीओ कार्यालय द्वारा 33,531 चालान किए गए, जो लक्ष्य के सापेक्ष 107.47 प्रतिशत उपलब्धि है तथा पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। इस प्रकार जनपद स्तर पर कुल मिलाकर लगभग 69,500 चालान निष्पादित किए गए, जो प्रवर्तन कार्यवाही की तीव्रता एवं प्रभावशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
वाहन सीज की कार्यवाही में भी हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय द्वारा 2,301 वाहन सीज किए गए, जो लक्ष्य के सापेक्ष 110 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि है। रुड़की एआरटीओ कार्यालय द्वारा 2,377 वाहन सीज किए गए, जिससे जनपद में अवैध एवं अनियमित संचालन के विरुद्ध सख्त एवं प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।
राजस्व प्राप्ति के क्षेत्र में हरिद्वार एआरटीओ कार्यालय द्वारा लगभग ₹529.77 लाख तथा रुड़की एआरटीओ कार्यालय द्वारा लगभग ₹680.82 लाख की वसूली की गई है। इस प्रकार जनपद में कुल ₹12 करोड़ से अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है, जो विभागीय कार्यकुशलता एवं प्रभावी वसूली प्रणाली को दर्शाता है।
ई-चालान प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से प्रवर्तन कार्यवाही को तकनीकी रूप से सुदृढ़ किया गया है। चालानों के त्वरित निस्तारण, न्यायालय में प्रेषण एवं दण्ड वसूली की प्रक्रिया को व्यवस्थित करते हुए संपूर्ण तंत्र को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया गया है।
प्रवर्तन कार्यों में यह ऐतिहासिक उपलब्धि एआरटीओ (प्रवर्तन) हरिद्वार श्रीमती नेहा झा एवं एआरटीओ (प्रवर्तन) रुड़की श्री कृष्ण पलारिया के सक्षम, सक्रिय एवं परिणामोन्मुख नेतृत्व का प्रत्यक्ष परिणाम है। दोनों अधिकारियों द्वारा क्षेत्रीय स्तर पर निरंतर निगरानी, रणनीतिक कार्ययोजना एवं टीम के प्रभावी संचालन के माध्यम से प्रवर्तन कार्यवाही को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर भी जनपद हरिद्वार ने अत्यंत उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। एआरटीओ (प्रशासन) हरिद्वार निखिल शर्मा एवं एआरटीओ (प्रशासन) रुड़की जितेंद्र चंद द्वारा कर वसूली एवं प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया गया है। संदीप सैनी, आरटीओ (प्रशासन), देहरादून के मार्गदर्शन में कर वसूली में लगभग 95 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित की गई है, साथ ही गत वर्ष की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो ₹100 करोड़ से अधिक लक्ष्य वाले एआरटीओ कार्यालयों में श्रेष्ठ प्रदर्शन में सम्मिलित है।
कार्यालयीय कार्यप्रणाली में सुधार हेतु टोकन प्रणाली का सफल क्रियान्वयन किया गया, जिससे आमजन को सुविधा एवं कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। साथ ही, हरिद्वार उपक्षेत्र में ई-रिक्शा संचालन को सुव्यवस्थित करने हेतु मानक संचालन प्रक्रिया का प्रभावी कार्यान्वयन किया गया। उक्त दोनों पहलें न केवल नवाचारी हैं, बल्कि राज्य स्तर पर भी अनुकरणीय के रूप में अपनाए जाने योग्य हैं।
उपरोक्त उपलब्धियां यह स्पष्ट करती हैं कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान जनपद हरिद्वार में परिवहन विभाग द्वारा प्रवर्तन एवं प्रशासनिक कार्यों को सुदृढ़ करते हुए एक आदर्श एवं परिणामोन्मुख मॉडल स्थापित किया गया है। विभाग द्वारा भविष्य में भी इसी प्रकार प्रभावी एवं जनहितकारी कार्यवाही निरंतर जारी रखी जाएगी।

