रुड़की (आयुष गुप्ता)
अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर भगवान श्रीपरशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय त्यागी ब्राह्मण समिति उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी विकास त्यागी के कार्यालय पर विचार गोष्ठी और जनसेवा के कार्यों के माध्यम से भगवान परशुराम के आदर्शों को याद किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ पंडित द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच द्वीप प्रज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात उपस्थित अतिथियों ने भगवान परशुराम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला। डाॅ. प्रदीप त्यागी एवं रामदत्त शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम केवल एक जाति विशेष के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के प्रेरणास्रोत हैं। उनका जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध लड़ने और शास्त्र व शस्त्र के संतुलन की सीख देता है। विकास त्यागी प्रदेश प्रभारी ने कहा कि समाज का उत्थान तभी संभव है, जब हम शिक्षित होने के साथ-साथ अपने गौरवशाली इतिहास और संस्कारों से जुड़े रहें। हमें उनके आदर्शों को आचरण में उतारना होगा। अनिरुद्ध त्यागी अध्यक्ष ने कहा कि भगवान परशुराम ने सदैव धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश का मार्ग दिखाया है। आज के समय में समाज को एकजुट होकर राष्ट्र हित में कार्य करने की आवश्यकता है। मोहित त्यागी महानगर अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं को संगठित होकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। यही भगवान परशुराम के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। विक्रांत पुंडीर कोषाध्यक्ष ने कहा कि युवा पीढ़ी को परशुराम जी के तप और पुरुषार्थ से प्रेरणा लेनी चाहिए, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दे सकें। गोष्ठी के उपरांत समिति द्वारा भीषण गर्मी को देखते हुए जनसेवा का अनुकरणीय कार्य किया गया। समिति के सदस्यों ने मुख्य मार्ग पर ‘छबीली’ (ठंडा व मीठा शरबत) का स्टाल लगाकर राहगीरों को शरबत वितरित किया। इस दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने समाज सेवा का संकल्प दोहराते हुए कहा कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। इस अवसर पर प्रदीप त्यागी, कैलाश सुंदरियाल, नरेंद्र शर्मा, सचिन शर्मा, हार्दिक त्यागी, उत्कर्ष त्यागी, रियाज त्यागी, शिव शर्मा, बृजेश फौजी, अनुराग त्यागी, लक्ष्य, अंकुर, परवीन सहित समिति के अनेक पदाधिकारी और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

