रुड़की (आयुष गुप्ता)
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिझौली में राज्य आपदा मोचनू निधि के तहत दो लाख रुपए की निधि आई थी। इसका प्रयोग कहा किया गया, इसे लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल प्रांगण में भारी गंदगी पडी हुई है। साफ-सफाई का कोई इंतजाम नही है तथा स्कूल की बिल्डिंग पर भी पुताई आदि नही की गई। गंदगी फैलने के कारण जैहरीले मच्छर पनप रहे है। जिसके कारण स्कूल बच्चे भी बेहद परेशान है। स्थानीय प्रधानाध्यपक द्वारा इस निधि का प्रयोग कहा किया गया, यह सवाल रह-रहकर उठा रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि स्थानीय प्रधानाध्यपक लंबे समय तक छुट्टी पर रहते हैं और यदा-कदा ही स्कूल में आते हैं। वह अपनी बीमारी का ईलाज उत्तराखंड में न कराकर दूसरे प्रदेश में कराते हैं। ऐसे में वह बीमार है भी या नही? शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को इसका संज्ञान लेना चाहिए और जांच में यदि गलत पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी होनी चाहिए। ग्रमाीणों का कहना है कि यह विद्यालय खुद बीमार चल रहा है और इसकी देखभाल भी सही ढंग से नही हो पा रही है। समय-समय पर उच्चाधिकारियों को स्कूल का आकस्मिक निरीक्षण करना चाहिए और लापरवाही करने वाले अध्यापक के खिलाफ कडी कार्रवाई हो। ग्रामीणों का कहना है कि जब लंबे समय तक अध्यापक छुट्टी पर रहता है, तो निश्चित रूप से बच्चों की पढाई बाधित होती है। बहरहाल कुछ भी हो, वास्तव में प्रधानाध्यापक दूसरे प्रदेश से आकर यहां अध्यापन का कार्य कराते है और वह ऐसे में बच्चांे को क्या पढाते होंगे, इसका अंदाजा शायद ही लगाया जा सकता है। इसके साथ ही शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों व शिक्षा मंत्री को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस मामले में क्या कार्रवाई होगी या नही? यह तो आने वाला समय ही बता पायेगा।

