रुड़की (आयुष गुप्ता)
इकबालपुर शुगर मिल में धरनारत् कुछ कर्मचारियों को कई माह बीत जाने के बाद भी वेतन नही मिल पाया। जिसके कारण कर्मचारियों की हालत बद से बदत्तर हो गई है। पिछले दिनों में यह धरना बेहद मजबूती के साथ चला, जिसके कारण गन्ना विभाग से जुडे अधिकारियों की नींद खुली और 265 कर्मचारियों को कुछ वेतन मिल पाया। जबकि अभी भी काफी कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्हें एक रुपया नही मिला और वह तभी से धरने पर बैठे हुए है। बताया यह भी गया है कि मिल मंे अभी भी कुछ शीरा बचा हुआ है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि इसके बिकने के बाद उन्हंे भी एक माह का वेतन मिल जायेगा। इसी आस को लेकर वह लगातार धरने पर बैठे हैं। भाजपा की सरकार भी कर्मचारियों की समस्याओं का हल नही निकाल पाई। दरअसल, मिल मालिक की घोर लापरवाही के कारण शुगर मिल का पेराई सत्र शुरू नही हो पाया। जिसके कारण किसानों व कर्मचारियो का भविष्य अंधकार में चला गया। बताया यह भी गया है कि जो लोग मिल में सुरक्षा की कमान संभाले हुए हैं, उन्हें भी वेतन के लाले पडे हुए है। शुगर मिल पर किसानों का भारी भरकम बकाया चल रहा है। उसे भी प्रबंधन द्वारा नही दिया गया और लगातार बढता कर्ज मिल के चलने में बाधा बना। क्यांेकि मिल की कमान सही लोगों के हाथों मंे नही आ पाई। शुगर मिल का न चलना किसान व मजदूर के लिए बेहद घातक सिद्ध हुआ। गन्ने में आई तेजी के कारण इस वर्ष को किसानों ने दूसरे मिलों के साथ ही अपना गन्ना, कोल्हू आदि में भी दिया तथा अधिकतर किसानो ने इस बार पोपुलर की खेती शुरू कर दी तथा अब गन्ना भी क्षेत्र में कम ही रह गया है। जिसका असर आने वाले समय में सभी मिलों पर पडेगा। बहरहाल कुछ भी हो, शुगर मिल के बंद होने से किसानों, मजदूरों व आसपास के दुकानदारों पर भी भारी असर पडा है। अब देखने वाली बात यह होगा कि यह मिल अगले वर्ष भी चलेगी या नही, यह तो आने वाला समय ही बता पायेगा।

