रुड़की (आयुष गुप्ता)
पिरान कलियर दरगाह प्रशासन भ्रष्टाचार को लेकर आए दिन चर्चाओं में रहता हैं। दरगाह साबिर पाक में दान राशि में अनियमितताओं अवैध वसूली के आरोपित एवं निलंबित कर्मचारियों का फिर से दरगाह में कार्य करने का मामला सामने आया हैं। दरअसल दरगाह साबिर पाक में हाल ही में दान राशि से संबंधित गंभीर अनियमितताओं एवं चोरी के मामलों में संलिप्त पाए जाने पर कुछ दरगाह कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान श्रद्धालुओं से अवैध वसूली एवं असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर अनुचित गतिविधियों में संलिप्तता पाई गई थी। इन सभी घटनाओं के प्रमाण सीसीटीवी कैमरों में भी उपलब्ध रहे थे। सूत्रों की माने तो दरगाह प्रशासन के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों से सांठगांठ कर दरगाह में फिर से ड्यूटी पर तैनात हो गये। शायद उच्चाधिकारियों के आदेश के बिना निलंबित कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात करने से दरगाह प्रशासन के भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी हैं। पूर्व में भी कुछ कर्मचारी दरगाह में ड्यूटी के दौरान श्रद्धालुओं से अवैध वसूली करते पाए गए थे लेकिन कर्मचारियों को मात्र माफीनामा एवं भविष्य में गलती न दोहराने के आश्वासन के आधार पर सेवा में बहाल कर दिया जाता है। अब सवाल यह उठता है की दरगाह प्रशासन को दरगाह के लिए कर्मचारी नहीं मिलते या इन कर्मचारियों के जरिए ही दरगाह प्रशासन की भी जेब गर्म होती है। क्योंकि चोरी का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद भी कोई कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, सिर्फ जांच का हवाला देकर ही मामला अधर में लटका हुआ है। अन्यथा अवैध वसूली के गंभीर आरोप जायरीनो के द्वारा भी कई बार लगाए गए है। जिसके चलते दरगाह कर्मचारियों को ताउम्र के लिए टर्मिनेट कर देना चाहिए था। लेकिन पता नहीं दरगाह प्रशासन की क्या मजबूरी है, जो जायरीनों की शिकायतो और सीसीटीवी फुटेज इतने बड़े एविडेंस के बावजूद भी इन पर कोई कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होती और ना ही यह कर्मचारी जेल भेजे जाते हैं सिर्फ अल्टीमेटम देकर ही काम चल जाता है। निलंबित कर्मचारियों की दोबारा दरगाह में ड्यूटी पर तैनात नजर आने से अंदाजा लगया जा सकता हैं की दरगाह कार्यालय में भ्रष्टाचार की जडे कितनी मजबूत हैं।

