रुड़की (आयुष गुप्ता)
समानांतर देवबंद शाखा खण्ड रुड़की की अधिशासी अभियंता शालिनी कौशल द्वारा कुछ कर्मचारियों के पटल परिवर्तन करने का मामला काफी चर्चाओं में है। कुछ कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उक्त अधिकारी अपने चहेतों को लाभ पहंुचाने के लिए शासनादेशों को ताक पर रख रही है। ताजा मामला 18 अप्रैल का है, जहां अधिशासी अधिकारी द्वारा पुनः पटल परिवर्तन का आदेश जारी कर दिया।
बताया गया है कि शासन स्तर पर तीन वर्ष के अंतराल में पटल परिवर्तन का नियम है, जबकि यह नियम समानांतर देवबंद शाखा खण्ड रुड़की में देखने को नहीं मिलता। यहां तैनात अधिशासी अधिकारी शालिनी कौशल द्वारा नियम विरूद्ध होकर पांच माह के अंतराल में ही दो बार पटल परिवर्तन के आदेश जारी कर दिये गये, जो शाखा मंे चर्चाओं में है। अधिशासी अधिकारी ने अपने पत्रांक 1194 दिनांक 11 नवंबर 2025 से एक ही पटल पर 3 वर्ष पूर्ण होने वाले कर्मचारियों का पटल परिवर्तन किया था, लेकिन अल्प अवधि पांच माह के अंदर ही जिन कर्मचारियों को इस पटल से हटाया गया था, उन्हें वापस उसी पटल पर भेजने के आदेश 18 अप्रैल को जारी कर दिये गये। जिससे कर्मचारियों में रोष फैल गया। इस संबंध में खण्ड के प्रशासनिक अधिकारी मुकेश सिंह से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है और न ही उक्त आदेश पत्र पर उनके हस्ताक्षर है। वहीं मिनिस्ट्रीयल संगठन मंत्री दानिश खा से पूछा गया, तो उन्होंने जानकारी होने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि उनके पास लिखित या मौखिक में शिकायत मिलती है, तो संघ की ओर से प्रमुख अभियंता एवं मुख्य अभियंता यमुना को शासनादेश के विरूद्ध पटल परिवर्तन के संबंध में लिखा जायेगा। वहीं इस संबंध में अधिशासी अभियंता से जानकारी लेनी चाही, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।

