हरिद्वार (आयुष गुप्ता)
पुलिस टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अज्ञात बाबा हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने बताया है कि 14 अप्रैल को वन विभाग के कर्मचारी द्वारा सूचना दी गई कि राजाजी नेशनल पार्क में एक शव पड़ा हुआ है। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक सहित कोतवाली हरिद्वार पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची तो पाया कि करीब 45 साल की उम्र का एक व्यक्ति लहूलुहान अवस्था मे पड़ा हुआ है। टीम घायल व्यक्ति को लेकर तुरंत प्राथमिक उपचार के लिये जिला अस्पताल पहुंची जहाँ चिकित्सक द्वारा मृत्यु की पुष्टि की गई। मृतक के बारे में कोई जानकारी न होने के कारण अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्यों को संग्रहित किया।
संबंधित पुलिस अधिकारियों के माध्यम से प्रकरण की जानकारी मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार द्वारा मामले की सुक्ष्मता से जांच कर जल्द से जल्द आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने के स्पष्ट निर्देश देते हुए पुलिस टीम का गठन किया गया।
गठित की गई पुलिस टीम के जवानों ने घटनास्थल के आसपास स्थित गंगा घाटों, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन व पार्किंग में मौजूद लोगों से पूछताछ कर आवश्यक जानकारी जुटाई तथा मृतक की पहचान व कातिल की तलाश के लिए इलैक्ट्रॉनिक/डिजिटल सर्विलांस का सहारा लिया। अब तक जुटाए गए सबूत इस तरफ इशारा कर रहे थे कि हत्यारे संभवतः मोबाइल नही चलाते हैं और नशे में रहते हैं। साक्ष्यों के बारिकी से निरीक्षण के बाद पुलिस टीम ने प्रकाश में आये हुलिए से मिलते जुलते लड़कों से पूछताछ कर रही पुलिस टीम 17अप्रैल को जब गश्त करते हुए हिल बाईपास पर सूखी नदी पर बने फ्लाईओवर पर पहुंची तो सड़क के मोड के किनारे बने पैराफिट पर 02 संदिग्ध बैठे दिखाई दिए। जिनका हुलिया अज्ञात हत्यारों से मिल रहा था। शक होने पर जब दोनों संदिग्ध को आवाज दी गई तो पुलिस देख दोनों सकपकाकर पैराफिट से उठकर हिलबाईपास रोड़ की तरफ भागने लगे। तेजी दिखाते हुए पुलिस टीम ने दोनों को घेरघोटकर पकड़ लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने बताया कि कुछ ही महीने पहले हुई पहचान के बाद दोनों संदिग्ध साथ में ही गांजा और शराब पीने वाले खास दोस्त बन गए। 13 अप्रैल की रात ज्यादा शराब पीने के कारण दोनों ने पहले तो नशे में उल्टी की और बिना खाए ही हरकी पैड़ी के सामने वाले घाट पर सो गए। खाली पेट सुबह जब उनकी नींद खुली तो दोनों ने पहले तो काम की तलाश में घुमते हुए मोतीचूर तिराहे की तरफ गांजा पिया और फिर तिराहे के पास बीड़ी पी रहे एक बाबा (मृतक) से बीड़ी मांगी। जेब से बीड़ी का बंडल निकालने के दौरान जब आरोपियों ने बाबा के हाथ में काफी पैसे देखे तो बीड़ी के साथ-साथ पैसे भी मांगने लगे लेकिन मृतक ने पैसे देने से मना करते हुए दोनों को गाली दी और वहां से जाने को कहा। गाली देने के गुस्से और पैसों को देख मन में आए लालच के चलते दोनों ने मोतीचूर स्टेशन की ओर जा रहे बाबा को सूखी नदी के अन्दर से सुनसान जंगल वाली जगह पर मौका देख जोर से धक्का मारा जिस कारण मृतक पत्थरों पर गिर गया थ और संभल नहीं पाया। इसके बाद दोनों संदिग्ध ने पत्थर से सिर पर वार कर बाबा की हत्या कर दी और जेब से पैसे निकाल मौके से भाग गये। मनोज कुमार उर्फ चिकना पुत्र रामगणेश निवासी ग्राम बनाममई थाना वेदपुरा जिला ईटावा व रोहित कुमार पुत्र अलकदेव निवासी गाँव सरण थाना पड़ाक जिला पटना का चालान कर दिया गया है।

