रुड़की (आयुष गुप्ता)
उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) रुड़की इकाई ने निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों के आर्थिक शोषण के खिलाफ जोरदार आवाज उठाते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के माध्यम से ज्ञापन भेजा है। जिलाध्यक्ष मास्टर दीपक लाखवान ने कहा कि निजी स्कूल एनसीईआरटी के साथ महंगी निजी प्रकाशन की किताबें जबरन थोप रहे हैं और एक ही दुकान से खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जो सीधे-सीधे अभिभावकों की जेब पर हमला है। उन्होंने बताया कि हर साल प्रकाशन बदलकर नई किताबें खरीदने की मजबूरी, महंगी यूनिफाॅर्म व बेकार सामग्री का दबाव, पर्यावरण को नुकसान, पेड़ों की कटाई में वृद्धि आदि मुद्दे ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराये गये। महामंत्री आनंद राज पनियाला ने कहा कि यह पूरा सिस्टम ‘कमीशनखोरी का खेल’ बन चुका है और यूकेडी इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। एडवोकेट महक सिंह सैनी ने चेतावनी दी कि एक दुकान से खरीदने की बाध्यता उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है, जरूरत पड़ी तो कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी। जिला प्रवक्ता विजय शर्मा ने कहा कि शिक्षा के नाम पर व्यापार बंद होना चाहिए और सरकारी स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम व प्ले-स्कूल माॅडल पर विकसित किया जाए। यूकेडी ने चेतावनी दी कि यदि इन मामलों में जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन किया जायेगा। ज्ञापन देने वालों में आनंद राज शर्मा, सतेंद्र शर्मा, अंकित राणा, दिनेश धीमान, विजय शर्मा, आदेश शर्मा, शिवकुमार कश्यप आदि मौजूद रहे।

