रुड़की (आयुष गुप्ता)
राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के मिनिस्टीरियल अधिकारी एवं कर्मचारी संगठन का तृतीय द्विवार्षिक अधिवेशन रविवार को रुड़की में गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। अधिवेशन में प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने भाग लिया और संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में गन्ना विकास सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री श्याम वीर सैनी, माटी कला बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री शोभा राम प्रजापति, नगर निगम रुड़की की महापौर अनिता ललित अग्रवाल, मिनिस्ट्रियल फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष मुकेश बहुगुणा, देहरादून जनपद के संगठन के महामंत्री सुभाष रतुड़ी, हरिद्वार जनपद के जिला अध्यक्ष सईद अहमद तथा जिला महामंत्री रोहित कुमार शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात संगठन के प्रतिनिधियों ने अतिथियों का स्वागत किया। अधिवेशन के दौरान संगठन की उपलब्धियों, गतिविधियों तथा वर्तमान चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने एनसीसी मिनिस्टीरियल कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एनसीसी केवल युवाओं में अनुशासन एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने का माध्यम ही नहीं है, बल्कि इसके पीछे कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी इसकी रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा उठाई गई मांगें न्यायसंगत हैं और राज्य सरकार इनके समाधान के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मांगों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित करने का प्रयास किया जाएगा। अधिवेशन में विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने सेवा शर्तों में सुधार, पदोन्नति प्रक्रिया को सरल बनाने, कार्यस्थल सुविधाओं में वृद्धि तथा प्रशासनिक समन्वय जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। जिला अध्यक्ष रवि कपूर, नरेंद्र गैरोला, प्रमोद जोशी सहित कई पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। वहीं हल्द्वानी से आए प्रतिनिधियों जावेद अहमद, नवीन सिंह ढैला एवं भगवत सिंह बिष्ट ने संगठन की एकजुटता और कर्मचारियों के हितों की रक्षा पर जोर दिया। वक्ताओं ने संगठन की आगामी कार्ययोजना पर भी चर्चा की, जिसमें कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा, प्रशासनिक संवाद को मजबूत करना तथा संगठन के विस्तार जैसे विषय शामिल रहे। अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया तथा संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया। अधिवेशन को कर्मचारियों के हितों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

