रुड़की (आयुष गुप्ता)
हरिद्वार सीएमओ डाॅ. आर.के. सिंह के निर्देशों के अनुपालन में जनपद में अवैध भू्रण लिंग चयन रोकने और पीसीपीएनटीडी अधिनियम के उल्लंघन पर लगाम लगाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सघन छापेमारी अभियान चलाया। एसीएमओ डाॅ. अनिल वर्मा के नेतृत्व में टीम ने मंगलौर, झबरेड़ा और भगवानपुर क्षेत्र के विभिन्न अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, जिससे संचालकों में दिनभर हडकंप मचा रहा। निरीक्षण टीम सबसे पहले लाईफ अल्ट्रासाउंड केंद्र, मंगलौर पहंुची, जहां अभिलेखों की गहन जांच की गई, जिसमें फार्म ‘एफ’ और रेफरल दस्तावेजों का मिलान किया गया, निरीक्षण में पाया गया कि केंद्र में स्थापित दो अल्ट्रासाउंड मशीनों में से एक मशीन क्रियाशील नहीं थी। मशीन के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। मौके पर रेडियोलाॅजिस्ट डाॅ. राजी अहमद उपस्थित मिले।
हालांकि झबरेड़ा स्थित मेगा सिटी हाॅस्पिटल के निरीक्षण में गंभीर खामियां पाई गई, यहां अल्ट्रासाउंड के लिए कोई अधिकृत चिकित्सक (रेडियोलाॅजिस्ट) नियुक्त नहीं था। नियमानुसार बिना विशेषज्ञ चिकित्सक के मशीन का संचालन प्रतिबंधित है, जिसके चलते अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया गया, इसके अलावा टीम ने अस्पताल के ओपीडी कक्ष, ओटी और वार्डों की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। वहीं मंगलौर स्थित लाईफ केयर अल्ट्रासाउंड में भी भारी अनियमितताएं मिली। केंद्र प्रबन्धक और रेडियोलाॅजिस्ट डाॅ. राहुल राॅय द्वारा अधिनियम के अनुसार अभिलेखों (जैसे फार्म एफ, रेफरल लेटर और अल्ट्रासाउंड रजिस्ट्रर) का रख-रखाव सही तरीके से नहीं किया जा रहा था। इस लापरवाही पर टीम ने केंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नवीन पंजीकरण के लिए आवेदन करने वाले केंद्रों का भी भौतिक सत्यापन किया गया, जिनमें सेवा डायग्नोस्टिक लण्ढौरा, आस्था अल्ट्रासाउंड केंद्र, भगवानपुर मेट्रो स्टार हाॅस्पिटल भगवानपुर शामिल है। इन सभी केंद्रों को कडे निर्देश दिये गये है कि रेडियोलाॅजिस्ट का सीएमओ कार्यालय में भौतिक सत्यापन कराने और शपथ पत्र प्रस्तुत करने के बाद ही पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जायेगी। टीम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अनिल वर्मा, जिला समन्वयक रवि संदल, कुलदीप बिष्ट आदि मौजूद रहे।

