रुड़की (आयुष गुप्ता)
पिरान कलियर दरगाह कार्यालय आये दिन भ्रष्टाचार को लेकर चर्चाओं में बना रहता हैं। दरगाह में आय दिन कोई ना कोई कर्मचारी जायरीनों से अवैध वसूली करते हुए प्रशासन के हत्थे भी चढ़ते रहते है, लेकिन कोई ठोस कार्यवाही न होने से कर्मचारियों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि इन कर्मचारियों को दरगाह में लगे सीसीटीवी कैमरे और न हीं किसी अधिकारी का डर हैं। दरगाह अधिकारियों से निलंबित भ्रष्ट कर्मचारियों ने सांठगांठ कर दरगाह में ड्यूटी पर तैनात नजर आने का मामला अभी सुर्खियों में ही था। लेकिन सोमवार की शाम दरगाह में ड्यूटी पर तैनात एक दरगाह कर्मचारी को जायरीनो से अवैध वसूली करते हुए नायब तहसीलदार ने रंगे हाथ फिर से दबोचा। दरगाह कर्मचारी को ड्यूटी के दौरान जायरीनों से अवैध वसूली की रकम के साथ पकड़ कर दरगाह कार्यालय में पूछताछ के लिए लाया गया था। लेकिन कर्मचारी पूछताछ से पहले ही मौका पाकर कार्यालय से फरार हो गया। इस घटना से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। नायब तहसीलदार मो. यूसुफ ने बताया कि पकड़े गए कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। गौरतलब बात यह हैं कि औचक निरीक्षण में नायब तहसीलदार ने दरगाह में तैनात कर्मचारी को अवैध वसूली करते हुए रंगे हाथ तो पकड़ लिया, लेकिन पूर्व में दरगाह में अवैध वसूली करते हुए पकडे गए कर्मचारी, जिनकी सबूत के तोर पर सीसीटीवी रिकाॅर्डिंग और निलंबित होने के बाद भी दरगाह कार्यालय और दरगाह में बिना आदेश के ड्यूटी करने वाले भ्रष्ट कर्मचारी नजर नहीं आये। नायब तहसीलदार के औचक निरीक्षण के दौरान निलंबित कर्मचारी अपनी फर्जी ड्यूटी अंजाम देते रहे, लेकिन तहसीलदार ने इन भ्रष्ट कर्मचारियों पर कोई एक्शन तक नहीं लिया और न हीं उच्चाधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया हैं। यह भ्रष्ट कर्मचारी दरगाह अधिकारियों से सांठगांठ करके उच्चाधिकारियों को गुमराह करने में लगे हुए हैं और दरगाह परिसर से लेकर कार्यालय में अपनी ड्यूटी को अंजाम देकर तोड़ जोड़ के जरिये फिर से बहाल होने के कार्य में लगे हुए हैं। सवाल यह कि अगर इन भ्रष्ट कर्मचारियों को सांठगांठ कर बहाल कर ड्यूटी पर तैनात किया जाता है, तो दरगाह कार्यालय किस तरह से भ्रष्टाचार मुक्त होगा।

