रुड़की (आयुष गुप्ता)
महानिदेशक एनसीसी, नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों एवं कमान अधिकारी, 84 उत्तराखंड बटालियन एनसीसी, रुड़की के आदेशानुसार सोमवार को केएलडीएवी (पीजी) काॅलेज में ‘विश्व रचनात्मक एवं नवाचार दिवस’ हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष व्याख्यान सत्र में कैडेट्स ने आधुनिक युग में नवाचार की महत्ता पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए एनसीसी अधिकारी डाॅ. नवीन कुमार ने विषय की विस्तृत रुपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि रचनात्मकता केवल कला तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सामाजिक और आर्थिक विकास में नवाचार की अपरिहार्यता पर जोर दिया।
व्याख्यान सत्र के दौरान कैडेट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को वैश्विक वरदान बताते हुए कहा कि यह तकनीक आज हर क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। सत्र में ‘सतत विकास’ के उदाहरणों के साथ-साथ देश में पहली बार शुरू की जा रही डिजिटल जनगणना का विशेष उल्लेख किया गया। कैडेट्स ने बताया कि कैसे सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में उपस्थिति दर्ज कराने हेतु ‘आधार-बेस ऐप’ के लाॅन्च होने से गणनात्मक प्रक्रियाएं न केवल सरल हुई हैं, बल्कि उनमें पारदर्शिता भी आई है। व्याख्यान प्रस्तुत करने वाले मुख्य कैडेट्स में आराध्या शर्मा, अनिकेत बिष्ट, प्रियेश, दीपिका, आरव और अभिलेख शामिल रहे। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि नवाचार ही वह धुरी है जिस पर भविष्य का भारत टिका है। कार्यक्रम में 84 उत्तराखंड बटालियन से आए गौरव सेनानी मंगल सिंह एवं सेवानिवृत्त हवलदार गोविंद सिंह विशेष रुप से उपस्थित रहे। इस दौरान कैडेट आयुष कुमार, आशीष उपाध्याय, देव कौशिक, गुंजन, सौर्य कोठारी, सावन कुमार और अभिमन्यु सहित दर्जनों कैडेट्स ने सक्रिय प्रतिभाग किया।

