रुड़की (आयुष गुप्ता)
उत्तराखंड शासन और नैनीताल हाईकोर्ट के आदेशों का पालन भट्टा मालिकों द्वारा नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें न्यूनतम वेतन से कम मजदूरी दी जा रही है, जिससे उनका सामूहिक शोषण हो रहा है। मजदूरों का कहना है कि श्रम विभाग की निगरानी के बावजूद भट्टा मालिक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। इसके चलते मजदूरों पर अतिरिक्त कार्यभार डाला जा रहा है, जो सीधे तौर पर कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है। मामले को लेकर भट्टा मालिकों और मजदूरों के बीच वार्ता आयोजित की गई, लेकिन यह बातचीत बीच में ही टूट गई। आरोप है कि भट्टा मालिक बैठक छोड़कर चले गए, जिससे विवाद और गहरा गया। मजदूरों ने साफ कहा है कि जब तक उन्हें शासनादेश के अनुसार मजदूरी नहीं मिलेगी, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर ईंट भट्टा मजदूर यूनियन हरिद्वार के महामंत्री गुरमीत सिंह, ट्रेड यूनियन सचिव मुनिरिका यादव, जिला मंत्री दीपक शांडिल्य, मानसिंह खालसा सहित सुजान, दिलशाद, अमन, आसिफ, इस्लाम और देशराज मौजूद रहे।

