रुड़की (आयुष गुप्ता)
मंगलौर क्षेत्र में लकड़ी तस्करों के हौंसले लगातार बुलंद देखे जा रहे है। इन पर लगाम कसने में उद्यान व वन विभाग भी बेबस नजर आ रहा है।
मंगलौर क्षेत्र में लकड़ी माफियाओं के बढ़ते हौंसलों से उद्यान व वन विभाग की उदासीनता साफ नजर आ रही है। करीब एक माह पूर्व मंगलौर क्षेत्र के अब्दुल कलाम चैक पर अज्ञात लोगों ने आम के पूरे बगीचे को काट डाला था और पेड़ों को वहीं छोड़ दिया था, आलम यह है कि यह कटे हुये पेड़ आज भी उसी खेत में पड़े हुये है, जिसे उठाने या जब्त करने की जहमत न तो उद्यान विभाग न उठाई न ही वन विभाग ने। अब ऐसे उदासीन रवैये के चलते कैसे आमजन मंे यह विभाग अपनी सक्रियता का दावा कर सकते है। यहां खेतों में कटे हुये पेड़ों को देखकर लोगों में दोनों ही विभागों के प्रति तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। इस मामले में कोई भी सख्त कदम उठाने में वन या उद्यान विभाग गंभीर दिखाई नहीं दे रहा है।
वहीं दूसरी ओर एक लकड़ी माफिया चोरी-छिपे सढ़ौली क्षेत्र में आम के बगीचे से हरे पेड़ों को काटकर उन्हें ठिकाने में लगा हुआ है। उक्त लकड़ी माफिया पिछले 15 दिन के अंदर दर्जनों आम के हरे पेड़ों को ठिकाने लगा चुका है और यहां से पेड़ों की जड़ें भी निकाल ली गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के अंधेरे में पेड़ कटने की आवाजें आती है, जब वह विभागीय अधिकारी को जानकारी देते हैं, तो उनकी ओर से कोई कदम नहीं उठाया जाता। उक्त लकड़ी तस्कर से विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों की सांठ-गांठ से भी इंकार नहीं किया जा सकता। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उक्त लकड़ी तस्कर पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई। जिसे लेकर विभाग के अधिकारियों की संदिग्ध कार्यशैली क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। वहीं डीएचओ तेजपाल ने बताया कि मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई कराई जायेगी।

