रुड़की (आयुष गुप्ता)
देहरादून में आईटीडीए उत्तराखण्ड एण्ड अपैक मीडिया द्वारा आयोजित 5वें इण्डिया डिजीटल एम्पावरमेंट मीट एण्ड अवार्ड्स उत्तराखण्ड संस्कारण का सफल आयोजन हुआ। इस अवसर पर शासन, उद्योग जगत, साईबर सुरक्षा विशेषज्ञों एवं शिक्षाविदों ने राज्य के डिजीटल भविष्य पर सार्थक मंथन किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा की अध्यक्षता में आयोजित इंडस्ट्री सीईओ राउंड टेबल रहा। मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि उत्तराखंड को टेक्नोलाॅजी-ड्रिवन एवं निवेश-अनुकूल राज्य बनाने के लिए सरकार ठोस और परिणाम मुखी कदम उठा रही है। उन्होंने जोर दिया कि पारदर्शी नीतियां, सरल प्रक्रियाएं और उद्योगों के साथ निरंतर संवाद राज्य की प्राथमिकता है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में डेटा सेंटर, आईटी निवेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में तेजी से विकास को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीईआरटी उत्तराखंड को शीघ्र पूर्ण रुप से क्रियाशील बनाकर राज्य की साइबर सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ाकर एक मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा, जिससे उत्तराखंड को निवेश और नवाचार के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने राज्य में निवेश की संभावनाओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी तथा इजी आॅफ डूईंग बिजनेस, सिंगल विंडो सिस्टम और दीर्घकालिक नीति स्थिरता को और सुदृढ़ करने के सुझाव दिए, जिन पर सरकार ने सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी, फाइबर नेटवर्क विस्तार, विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति एवं हरित ऊर्जा के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर आईआईटी हैदराबाद के साथ एमओयू, एआई आधारित सुशासन के लिए प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान तथा हितधारकों के साथ नियमित संवाद जैसी महत्वपूर्ण पहलों पर सहमति बनी। यह आयोजन उत्तराखंड को डिजिटल रुप से सशक्त एवं निवेश-अनुकूल राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जिससे राज्य आने वाले समय में देश के प्रमुख डिजिटल हब के रुप में उभरने की ओर अग्रसर है।

