रुड़की (आयुष गुप्ता)
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के अध्ययन केंद्र संख्या 12061, मोहिनी देवी डिग्री काॅलेज, रुड़की में दीक्षारम्भ कार्यक्रम बड़े उत्साह से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा विश्वविद्यालय से जुड़े अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम का शुभारंभ द्वीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात अतिथियों ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशक एवं बीएसएम काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. गौतमवीर ने मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा को सुलभ और लचीला बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य उन विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाना है, जो किसी कारणवश नियमित शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को स्व-अध्ययन, समय प्रबंधन और निरंतर परामर्श सत्रों में भागीदारी के महत्व पर भी बल दिया। सहायक क्षेत्रीय निदेशक डाॅ. बृजेश बनकोटी ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा को घर-घर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने अध्ययन केंद्रों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण परामर्श सत्र, समय पर अध्ययन सामग्री की उपलब्धता और विद्यार्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान, शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं। उन्होंने केंद्र प्रशासन से विद्यार्थियों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। काॅलेज के मैनेजिंग डायरेक्टर योगेश सिंघल ने कहा कि मोहिनी देवी डिग्री काॅलेज सदैव विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि भविष्य में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को मुक्त विश्वविद्यालय से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि वे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अन्य जिम्मेदारियों का भी निर्वहन कर सकें। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. मोहित कुमार ने किया। कार्यक्रम में काॅलेज के निदेशक अक्षय सिंघल, काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. मोहित कुमार, डाॅ. जय कुंवर, कार्यालय अधीक्षक मंसूर अहमद, राहुल राय, पंकज कुमार, सुशील कुमार, आशीष कुमार, नितिन कुमार, शुभम कुमार आदि सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रणाली, पाठ्यक्रम संरचना, परीक्षा पद्धति तथा आॅनलाइन एवं आॅफलाइन संसाधनों की जानकारी भी दी गई। अंत में सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया और विद्यार्थियों को सफलता के लिए शुभकामनाएं दी गई।

