रुड़की (आयुष गुप्ता)
हरिद्वार विश्वविद्यालय, रुड़की में आयोजित चार दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव के अंतर्गत आज दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य एवं यादगार आयोजन किया गया। कार्यक्रम ने पूरे विश्वविद्यालय परिसर को उत्साह, ऊर्जा और रचनात्मकता से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष सी.ए. एस. के. गुप्ता, उपाध्यक्ष नमन बंसल, प्रो-वाइस चांसलर डाॅ. आदेश आर्य एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में विद्यार्थियों ने नृत्य, गायन, नाटक एवं पफैशन शो के माध्यम से अपनी बहुंमुखी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रत्येक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और सभागार तालियों की गूंज से बार-बार गूंज उठा। इस अवसर पर मंत्री प्रदीप बत्रा मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं, और ऐसे मंच उनके आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मकता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, अनुशासन अपनाने और निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया। विश्वविद्यालय के अध्यक्ष सी.ए. एस.के. गुप्ता ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के समग्र विकास का आधार होती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, अनुशासन और उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर अग्रसर रहने का संदेश देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह के दौरान शैक्षणिक, खेल एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनकी मेहनत का परिणाम था, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान छात्रों में अद्भुत उत्साह, उमंग और सहभागिता देखने को मिली, जिसने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया। इस अवसर पर डायरेक्टर विपिन सैनी, रजिस्ट्रार सुमित चैहान, ओएसडी अभिनव भटनागर, कैंपस मैनेजर जितेंद्र चैधरी, प्रो. रविन्द्र सैनी, प्रो. संजना, प्रो. एकता जैन, प्रो. मृणालिनी सिंह, प्रो. निशा धीमान सहित अनेक गणमान्य शिक्षकों एवं अधिकारियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

