रुड़की (आयुष गुप्ता)
राम नगर चौक स्थित दीप रेजीडेंसी होटल में आयोजित ‘अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन’ में देश के ख्यातिप्राप्त ज्योतिषाचार्यों और राजनीतिज्ञों का समागम हुआ। इस अवसर पर ‘श्री देवभूमि पंचांग’ के नवीनतम अंक का भव्य विमोचन किया गया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि पहली बार इस पंचांग का निर्माण रुड़की के अक्षांश-रेखांश के आधार पर किया गया है। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सनातन धर्म में पंचांग के बिना किसी भी शुभ कार्य की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने आचार्य रमेश सेमवाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि तिथि, व्रत और त्योहारों की सटीक जानकारी समाज तक पहुँचाना पुण्य का कार्य है। विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने ज्योतिष को ऋषि-मुनियों की महान वैज्ञानिक विद्या बताया। उन्होंने कहा कि ग्रह-नक्षत्रों की सटीक गणना व्यक्ति को जीवन में सकारात्मक परिणाम देती है। उन्होंने आचार्य सेमवाल द्वारा देवभूमि का मान बढ़ाने के लिए उन्हें बधाई दी। मेयर अनीता देवी अग्रवाल ने भी पंचांग विमोचन पर सबको शुभकामनाएं दीं।
भविष्यवाणी : प्राकृतिक आपदाएं और बीमारियों का बढ़ेगा प्रकोप सम्मेलन के दौरान विख्यात ज्योतिषाचार्यों ने देश-दुनिया की स्थिति पर गंभीर भविष्यवाणियां की। आचार्य रमेश सेमवाल: उन्होंने आगाह किया कि वर्ष 2025 से 2032 तक का समय पूरे विश्व के लिए कष्टकारी रहेगा। प्राकृतिक आपदाएं और बीमारियों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि जहां मोदी जी की कुंडली भारत के लिए बेहद शुभ है, वहीं डोनाल्ड ट्रंप की कुंडली वर्तमान में अच्छी नहीं है। आचार्य अनिल वत्स व सुरेश शर्मन विद्वानों ने कहा कि शनि की वर्तमान स्थिति के कारण वैश्विक स्तर पर दुर्घटनाएं हो रही हैं। हालांकि जारी युद्ध शीघ्र समाप्त होगा, लेकिन यह वर्ष अभी और चुनौतियों भरा रहेगा कार्यक्रम के मुख्य संयोजक आचार्य रमेश सेमवाल ने बताया कि श्री देवभूमि पंचांग पिछले 30 वर्षों से समाज के कल्याण हेतु निशुल्क वितरित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य घर-घर तक शुद्ध गणना पहुंचाना है। कार्यक्रम में देहरादून से पीवीएस राणा, सौरव भूषण शर्मा, अमित त्यागी, डॉ. आशुतोष सिंह, प्रदीप चौधरी, देवेंद्र शर्मा, आदित्य शर्मा, सचिन शर्मा, रोहित शास्त्री, सचिन शास्त्री, रजनीश शास्त्री, अशोक शर्मा आर्य, तनुजा रावत, नीलम चौधरी, संजीव भारद्वाज, सतीश शर्मा और सुधांशु वत्स सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

